📿108 मनका जप माला काउंटर
माला का प्रकार: Rudraksha Mala
जप गति (Speed):
मंत्र स्वर (Voice):
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📿1 जप पूर्ण होने तक दबाकर रखें (Hold to push 1 Jap)
कुल माला:0
प्रगति:0%
भगवान शिव (देवाधिदेव महादेव)
महामृत्युंजय मंत्र
Maha Mrityunjaya Mantra
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्॥
Om Tryambakam Yajamahe Sugandhim Pushti-Vardhanam | Urvarukamiva Bandhanan Mrityor Mukshiya Maamritat ||
जप संकल्प एवं संचित प्रगति
संकल्प लक्ष्य
108जप
📿कुल संचित जप
0पूर्ण
प्रगति:0%शेष: 108 जप
मंत्र का भावार्थ
हम त्रिनेत्रधारी भगवान शिव की आराधना करते हैं, जो सुगंधित हैं और हमारा पोषण करते हैं। जैसे पका हुआ खीरा बेल के बंधन से मुक्त हो जाता है, वैसे ही हम मृत्यु से मुक्त होकर अमरता को प्राप्त हों।
We worship the three-eyed Lord Shiva, who is fragrant and nourishes all beings. May he liberate us from death for the sake of immortality, just as a ripe cucumber is severed from its bondage to the creeper.
वैदिक महात्म्य एवं साधना विधि
जप के लाभ एवं फल
- ✓अकाल मृत्यु के भय और असाध्य रोगों से मुक्ति प्रदान करता है
- ✓दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य और मानसिक आत्मबल की प्राप्ति
- ✓शनि, राहु एवं समस्त ग्रह दोषों का निवारण करता है
- ✓साधक के चारों ओर एक अभेद्य दिव्य सुरक्षा कवच का निर्माण करता है
🛡️सर्वकल्याणकारी फलश्रुति
जप का शुभ समय
ब्रह्म मुहूर्त (प्रातः 4:00 - 6:00 बजे) अथवा संध्या काल
उचित जप माला
रुद्राक्ष माला (Rudraksha Mala)
📿प्रामाणिक वैदिक साधना
शास्त्र एवं पौराणिक महत्व
“ऋग्वेद (7.59.12) में वर्णित, यह जीवन की रक्षा करने वाला सनातन वैदिक महामंत्र है जिसका जप युगों से असाध्य कष्टों के निवारण हेतु किया जा रहा है।”
📜वेद-शास्त्र प्रमाण